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Keyboard क्या है ?कीबोर्ड के प्रकार पूरी जानकारी हिंदी में

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कीबोर्ड क्या है? आज के डिजिटल दुनीआं में। हर जगह कम्प्यूटर का इस्तिमाल किया जाता है. स्कूल ,कलेजे ,यूनिवर्सिटी,बैंक,रेलवे स्टेशन,एयरपोर्ट ,हॉस्पटल प्रे हर जगह कम्प्यूटर का उपयोग किआ जाता है. कम्प्यूटर मनुष्य का एक ऐसा दरकारी बस्तु बनगई है. इसके बिना मनुष्य एक पल भी जीना मुश्किल होता है.

आप में से बहुत सारे लोग कम्प्यूटर का उपयोग करतें होंगे. कम्प्यूटर के बारे में जानतें होंगे. कम्प्यूटर बहुत सारे पार्ट्स का सम्भालित एक जंत्र होता है.

उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को निर्देशित करने के लिए कोई ऐसा डिवाइस होना चाहिए। जिसके द्वारा उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को निर्देशित कर सके.

कम्प्यूटर को निर्देशितकरने के लिए जो डिवाइस चाहिए। उस डिवाइस को कीबोर्ड कहा जाता है. कीबोर्ड के द्वारा उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को अपनी निर्देश देता है. आप में से बहुत से लोग कम्प्यूटर का इस्तिमाल किआ होगा.

कीबोर्ड का महत्व कीतीना है कम्प्यूटर में आप लोगों को पता होगा. लेकिन आप में से बहुत ऐसे भी लोग है। जो कीबोर्ड का ब्यबहार करते हैं. लेकिन कीबोर्ड कैसे काम करता है कीबोर्ड का काम है।

उन लोगों को पता नहीं है. ये ठीक भी है कम से कम कम्प्यूटर को चलना आता है. कीबोर्ड कैसे काम करता है कीबोर्ड को कैसे ब्यबहार किआ जाता है. इन सभी चीजों से उनको मतलब किआ है. उन लोगों का ये तर्क भी ठीक है.

फिर भी कम्प्यूटर का उपयोग जो लोग करते हैं कीबोर्ड के बारे में जानकारी रखना जरुरी है. इस लिए आज हम इसी
लेख में कम्प्यूटर के कीबोर्ड के बारे में बिस्तार रूप से जानकारी दिआ जाए.

कम्प्यूटर कीबोर्ड क्या है ? कीबोर्ड की जानकारी

कीबोर्ड कम्प्यूटर का एक इनपुट डिवाइस है. जिस के द्वारा उपयोगकर्ता निर्देश ,text संख्यात्मक डाटा और दूसरे प्रकार के डाटा को एंटर करने के लिए इस्तिमाल किआ जाता है. कीबोर्ड के माध्यम से उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को निर्देश देता है.
उपयोगकर्ता के दीये गए इनपुट डाटा को मशीन भाषा में CPU द्वारा प्रोसेस होक परिणाम के स्वरुप उपयोगकर्ता के सामने प्रस्तुत होता है.

Keyboard क्या है

कीबोर्ड को कम्प्यूटर के साथ कैसे संजोग किआ जाता है?

कीबोर्ड को कम्प्यूटर को जोड़ने के लिए पहले ps /2 या serial connector का सहारा लिया जाता था. कीबोर्ड की पर्यायक्रम के बिकास के कारण आज ये USB (Universal Serial Bus) या फिर wireless connector के द्वारा कम्प्यूटर से जोड़ा जाता है.

कीबोर्ड के प्रकार

दुनिआं में बहुत सारे अलग अलग लेआउट के कीबोर्ड है. बिभिन्न भाषाओं की बिभिन्न प्रकार के लेआउट की कीबोर्ड
दुनिआं भर में उपलध है. यह भी पढ़े:-Excel Keyboard shortcuts key || एक्सेल के शॉर्टकट key की जानकारी हिंदी में ||

QWERTY

सबसे ज्यादा प्रचलन QWERTY कीबोर्ड है. QWERTY कीबोर्ड बहुमात्र में ब्यबहार किआ जाता है. इसकी प्रचलन इतीनी ज्यादा है की कीबोर्ड बोलने से QWERTY कीबोर्ड को बुझ तें है. इसके एलबा भी बहुत सारे लेआउट के कीबोर्ड को ब्यबहार किआ जाता है. इसकी नाम कारन भी अजीब है. आप कीबोर्ड के left-hand साइड के ऊपर कार्नर में छ लेटर QWERTY दिखी देगा। इस छ लेटर के अनुसार इस कीबोर्ड का QWERTY रखा गया है. QWERTY लेआउट कीबोर्ड प्राय सभी देश में ब्यबहार किआ जाता है.

Dvorak

August Dvorak और उनके बहनोई ने साल 1936 में Dvorak कीबोर्ड के लायोट को पेटेंट करबाया था. ये Dvorak कीबोर्ड के नाम से जाना जाता है. इस कीबोर्ड के लेआउट को ऐसे बिकसित किआ गया है की उपयोगकर्ता तेज गति से टाइप कर सके। Dvorak कीबोर्ड मुख्यत पेशेवर लोगों के लिए कीबोर्ड की लेआउट डिज़ाइन किआ गया है.

AZERTY

AZERTY कीबोर्ड की लायोट फ़्रांस और यूरोप के कुछ हिसों में ये ब्यबहार किआ जाता है. कीबोर्ड की eft hand साइड के टॉप रौ के छ लेटर के अनुसार इसके नाम AZERTY कीबोर्ड के नाम रखा गया है.

कितने प्रकार के keys होता है?

एक कम्प्यूटर कीबोर्ड में बहुत प्रकार के buttons रेहता है. जैसे की alphabetical letters,symbols, Numerical numbers और कमांड के बटन रहता है. ये सभी प्रकार के बटन का काम अलग अलग भी होता है. हर key महत्व अलग अलग होता है. हर key किसी ना किसी categories संपृक्त रहता है.

Alphanumeric Keys

दुनिआं में प्रचलित प्राय हर कीबोर्ड में Alphanumeric Keys होता है. कीबोर्ड में नंबर keys दो जगह पर होती है. एक
आल्फाबेट keys के ऊपर और दूसरे कीबोर्ड की righ-hand साइड कार्नर पर रहेती है. ऊपर बाला नंबर keys में सिम्ब्ले साथ होती है. ऊपर बाला न्यूमेरिक रौ पे अगर उपयोगकर्ता 1 नंबर key को पहेले प्रेस करेगा तो खाली 1 टाइप होगा अगर यही key उपयोगकर्ता shift key के साथ प्रेस करेगा तो यही symbol टाइप होगा.

Punctuation Keys

उपयोगकर्ता को कीबोर्ड में ये सुभीधा दिया जाता है की Punctuation Keys को आसानी से ब्यबहार में ला सके. Punctuation Keys मतलब बीराम signs का पतिनिधित्वा करता है. जैसे की comma ,Question mark,Colon Key,Period Key ये सब Punctuation key signs का प्रतिनिधित्वा करता है. ये सारे keys letters key राइट साइड पे रेहता है. यह भी पढ़े:-Computer Laptop Screen Record क्या है? || कंप्यूटर में स्क्रीन रिकॉर्डिंग कैसे करे?

Function Keys

कीबोर्ड के सब से ऊपर की row पे ये Function Keys रहता है. जैसे की आप देखे होंगे f1,f2,f3 से लेकर f12 रहता है. ये Function Keys का काम अलग अलग होता है. जब उपयोगकर्ता कोई वीडियो देख रहा है तो fast forward ,forward,स्टॉप ,rewind key होता है. जिसक द्वारा उपयोगकर्ता अपनी हिसाब से उस key का उपयोग करता है. उसी प्रकार Function Keys का बिभिन्न प्रकार का function अंजाम दिया जाता है.

Navigation Keys

Navigation Keys प्राय लेटर keys और नंबर keys के बीच में रहती है. Navigation Keys मुख्यतः चार के तीर रहता है. left, down ,right, up रहता है. कम्प्यूटर में mouse का cursor जैसे काम करता है.

ठीक उस तरह ये Navigation Keys मॉनिटर में मूव करता है. उपयोगकर्ता जिस तरह माउस के cursor के द्वारा जो जो काम करसकता है. यही काम इस Navigation Keys के माध्यम से भी उपयोगकर्ता कर सकता है. इस के लिए उपयोगकर्ता को थोड़ा सा technical होना पडेगा. इसे भी उपयोगकर्ता देखने को मिल जाते हैं जो केबल Navigation Keys के सहारे आपने सबु काम कर लेते हैं.

कीबोर्ड Indicator लाइट

आप लोगो ने देखा होगा कीबोर्ड में Indicator लाइट होते हैं. ये तीन प्रकार के लाइट्स होते हैं. Num Lock, Caps Lock, और Scroll Lock key . जब उपयोगकर्ता Num Lock key को प्रेस करता है तो एक Num Lock key के ऊपर एक लाइट जलती है. तब जाके Num Lock एक्टिव होता है. ये ब्यबहार कर के उपयोगकर्ता Num Lock key का उपयोग कर पाता है.

Caps Lock key को जब उपयोग करता प्रेस करता है तब Caps Lock के साइड में एक लाइट जलती है. इसके माईने ये है कीबोर्ड का Caps Lock key सक्रिय है. इसके द्वारा उपयोगकर्ता अपनी मनमुताबिक लेटर्स को Capital में टाइप कर पाती है. Scroll Lock key जब उपयोगकर्ता प्रेस करता है तब Scroll Lock key के ऊपर एक लाइट जलती है. उसका मतलब ये key सक्रिय है. इस ब्यबहार कर के उपयोगकर्ता Scrolling काम कर सकता है.

Modifier Keys

आप लोगो ने देखा होगा कीबोर्ड key के लेआउट में Ctrl key, Alt key, और Shift key होता है. इन keys को ब्यबहार करने के लिए दूसरे key के साथ इस्तिमाल करना पड़ता है.

Special Keys

आप लोगो ने देखा होगा कीबोर्ड में Esc key,control key और Windows key होते है. इन keys का काम अलग अलग है.

Esc किसी चल रहे बर्तमान प्रोग्राम या ऑपेरशन से बहार आने के लिए ये ब्यबहार किआ जाता है.

Ctrl key कीबोर्ड में short cut के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

Alt key इसे दूसरी कुंजियों के साथ मिलकर short cut के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

Windows Logo key ये आल programme खोल ने के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

PrtScrn कम्प्यूटर स्क्रीन ऊपर जो डॉक्यूमेंट या फिर प्रोग्राम है उसे इमेज के रूप के लेने के लिए PrtScrn key प्रेस कर ने से ये करंट पेज की स्क्रीन शॉट लेता है.

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Navigation key का उपयोग

Arrows key कर्सर को दाएं-बाएं उप्पर-नीचेले जाने के लिए इनका उपयोग किआ जाता है.

End key किसी टेक्स्ट लाइन पे लास्ट में जाने के लिए इसे दबाते है.

Insert key टेक्स्ट एडिटर इन्सर्ट मोड को ऑन और ऑफ करने के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

Delete key लिखी गई शब्दों को डिलीट करता है.

Page up key डॉक्यूमेंट हो या वेब पेज हो उप्पर जाने के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

Page down key पेज में नीचे जाने के लिए ब्यबहार किआ जाता है.

कीबोर्ड में कितने Functions keys होते हैं?

एक परंपरागत कीबोर्ड में 12 Functions keys f1 से f12 रहता है. Apple Desktop Computer में 19 Functions keys f1 से f19 तक रहता है.

Keyboard में कीतीनी Alphabetic keys होते हैं?

कम्प्यूटर कीबोर्ड 26 Alphabetic keys होते है.

Keyboard में कितने numeric number keys होतें है?

कम्प्यूटर कीबोर्ड में 10 keys 1 से 0 तक रेहता है.

Keyboard में कितने symbols keys होतें है?

बहु प्रचलित English QWERTY कीबोर्ड में 40 symbols (e.g., ~, !, @, #, $, and % जो की लेटर और नंबर नहीं होते हैं ) 28 keys के ऊपर होता है. और कुछ keys दो से ज्यादा symbols को धारण करते हैं.

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हम उम्मीद करते की ये लेख कीबोर्ड क्या है ?और इसके प्रकार। कम्प्यूटर कीबोर्ड क्या है ? कम्प्यूटर कीबोर्ड कैसे काम करता है. ये सब इस article में समझने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है. जो आप लोगो को पसंद आया होगा. आप के मन में इस आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है .या फिर article में और सुधर किया जासकता है.तो कृपया कर के नीचे comment करे।

CPU क्या है?CPU फुल फॉर्म क्या है? CPU कैसे काम करता है जानकारी हिंदी में

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CPU क्या है ? आज की डिजिटल दुनिआं में कम्प्यूटर का प्रचलन हर जगह हो रहा है. कम्प्यूटर बहुत सारे पार्ट्स को मिला के कम्प्यूटर बनता है. उसमें बहुत सारे पार्ट्स है. सभी पार्ट्स को मिला के कम्प्यूटर काम करता है. इन सभी पार्ट्स में CPU कम्प्यूटर का प्रथम दर्जे के पार्ट्स है. CPU(Central processing unit) के बिना कम्प्यूटर कुछ नहीं है. एक खाली डिब्बा है.

इसे कम्प्यूटर का ब्रेन भी कहा जाता है. कम्प्यूटर के अंदर जितने पार्ट्स होते हैं। उन सभी पार्ट्स को CPU कण्ट्रोल करता है. उन सभी पार्ट्स को निर्देश देता है. कम्प्यूटर कैसे सुचारु रूप से चल सके ये देखता है. जो लोग कम्प्यूटर का ब्यबहार करतें है. थोड़ा बहुत कम्प्यूटर के बारे जानते हैं. उन लोगो ने CPU के बारे में जानतें हैं.

कम्प्यूटर के कार्य सैली Cpu full form, CPU के कपैसिटी के ऊपर निर्भर करता है. कीतिनि कपैसिटी के CPU है. उस हिसाब से इनपुट
आदेश को कितने जल्दी प्रोसेस कर के उपयोगकर्ता के सामने परिणाम के स्वरुप उपस्तिथ करता है. ये सब CPU के कपैसिटी के ऊपर निर्भर करता है. जीतिने ज्यादा के कपैसिटी होगी ।

उतीनी जल्द cpu डाटा को प्रोसेस करेगा। जीतिनि कपैसिटी कम होगी उतीनी लेट से प्रोसेस हो के उपयोगकर्ता के सामने उपस्तिथ करेगा . जब उपयोगकर्ता नये कम्प्यूटर खरीद ता है. उस बक्त cpu के कपैसिटी को चेक करना चाहिए. उपयोगकर्ता को मालुम है.

कौन से काम के लिए कम्प्यूटर लेना है. उस काम के लिए cpu के कपैसिटी कीतीनी होने चाहिए। ये सब इंटरनेट हो या यूट्यूब में सब जानकारी मिलजाएगी। अगर आप को ये सब के बारे में पता नहीं है. तो दुकान दर ने आप को ज्यादा कैपसिटी बाला CPU बेच देता है.  उस से उसको ज्यादा पैसा मिलता है.

जो आप को लुकसान होता है. आप जिस काम के लिए कम्प्यूटर लेते हैं। उस काम केलिए कम कैपसिटी बाला CPU से भी काम चल सकता है. तो ज्यादा कपैसिटी बाला CPU ज्यादा पैसे खर्ज कर के कयूं लिया जाये.CPU क्या है? यह काम कैसे करता है। CPU के अंदर लगा हुआ पार्ट्स के बारे में आज बिस्तार रूप से इस लेख में चर्चा करेंगे.

CPU क्या है?

CPU(Central processing unit ) कम्प्यूटर का महत्वपुर्णा अंग है. CPU कम्प्यूटर से जुड़े Hardware Software सब को मैनेज करता है. ये कम्प्यूटर के सभी निर्देश को प्रोसेस करता है.ये कम्प्यूटर प्रोग्राम के इनपुट/आउटपुट सभी तरह के निर्देश को मैनेज करता है. CPU है जो बास्तब रूप कम्प्यूटर को उपयोगकर्ता के इनपुट डाटा/आउटपुट डाटा को प्रोसेस करने के लिए होती है. इसीलिए इसको Brain of Computer भी कहा जाता है. उपयोगकर्ता के इनपुट निर्देश को CPU में अंकगणित गणना और तार्किक संचालन के प्रोसेस कर के परिणाम स्वरुप उपयोगकर्ता के सामने रख देता है.

CPU क्या है

CPU के हिसे

बहुत सारे हिसे को सबलित हो के एक CPU बनता है. येसे तो CPU का बहुत सारे हिसे है. मुख्यत CPU को तीन हिसो में बटा गेया है.

  • Control Unit कण्ट्रोल यूनिट
  • Memory मेमोरी
  • ALU (Arithmetic Logical Unit)

Control Unit कण्ट्रोल यूनिट

कंट्रोल यूनिट कम्प्यूटर के सभी संचालोनो को नियंत्रित कर के रखती है. ये किसी प्रकार की बास्तबिक डाटा को प्रोसेस नहीं करती । ये डाटा के ट्रांसफर को कंट्रोलड करती है. ये कम्प्यूटर के अन्यभागो को निर्देश भेजने का काम करती है. ये
इनपुट/आउटपुट डिवाइस के बीज में समन्वय रखता है.

कम्प्यूटर के अंदर जितने भी डिवाइस लगा हुआ है। उन सभी के ऊपर नियत्रण करता है. ये निर्देश को पढ़ ता है और ब्याख्या करता है.और डाटा को संसाधित करने के लिए अनुक्रम निर्धारित करता है. Control Unit किसी भी डाटा को स्टोर या प्रोसेस नहीं करती . CPU में जितने भी अन्य उपकरण लगा हुआ है. उन सभी उपकरणों में डाटा को प्रभाह करने के लिए निर्देशित करता है.

Memory मेमोरी

Memory इस में डाटा को स्टोर किआ जाता है. कम्प्यूटर में दो तरह की मेमोरी होती है.

  1. Primary memory
  2. Secondary memory

Primary Memory कम्प्यूटर में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. ये मेमोरी सीधे CPU से जुड़ा रहता है. इसके बिना कम्प्यूटर चल नहीं सकता। इस प्रकार मेमोरी को कम्प्यूटर का मुख्य मेमोरी भी कहा जाता है. primary memory में भी दो तरह की मेमोरी होता है.

  1. RAM
  2. ROM

RAM

CPU किसी भी मेमोरी सेल तक पहंच सकता है. बिना क्रमिक उस सेल तक पहंच कर उस सेल को एक्सेस भी कर सकता है. इस लिए इसे Random Access Memory भी कहा जाता है. CPU Randomly किसी भी सेल को एक्सेस कर सकता है. RAM एक अस्थिर मेमोरी है. जबतक कम्प्यूटर चालू रेहता है। तब तक RAM में डाटा स्टोर होता है । जब कम्प्यूटर बंद हो जाता है यानी की बिजिली की आपूर्ति बंद हो जाती है। तब RAM में स्टोर किआ गया डाटा खाली हो जाता है.

ROM

ROM एक स्थाई मेमोरी है. संगृहीत डाटा में हमेशा बदलबा किया नहीं जा सकता। ये हमेशा एक ही रेहता है. यह केबल पढ़ा जाता है. इस मेमोरी में लिख नहीं सकते . ROM के द्वारा कम्प्यूटर सिस्टम boot-up होता है. कम्प्यूटर सिस्टम को चालू करने के लिए इसकी आबश्यकता पड़ती है. इस के बिना कम्प्यूटर boot-up नहीं होती है.

Secondary Memory

ये स्थाई रूप से डाटा को संगृहीत कर के रखता है. ये बहुत धीमा रेहता है. ये Hard disk drives, SSDs, flash drives रूप में जाना जाता है.

ALU (Arithmetic Logical Unit)

इसके उपयोग अंकगणित और तार्किक संचालन के लिए उपयोग के लिए ब्यबहार किआ जाता है. ALU के पूरा नाम
Arithmetic Logical Unit से जाना जाता है. ALU को दो भागो में बिभाजित किआ गेया है. AU (arithmetic unit) और दूसरा LU (logic unit) .

यह भी पढ़े:-KB MB GB TB FULL FORM KYA HAI हिंदी में जाने

Computer Laptop Screen Record क्या है? 

CPU Full Form  CPU फुल फॉर्म क्या है?

CPU का फुल फॉर्म है Central Processing Unit

CPU कैसे काम करता है?

CPU कम्प्यूटर का एक मुख्य अंग है. इसके बिना कम्प्यूटर कुछ नहीं एक खाली डिब्बा है. CPU कम्प्यूटर में
महत्वपूर्ण कार्य को सम्पादन करता है. CPU के बिना कम्प्यूटर चल नहीं सकती। CPU के invent से आज तक पर्यायक्रम से बहुत सारे बदलबा किया गेया है. उपयोगकर्ता के सुभीधा के अनुसार ये बदलाबा आगे भी जारी रेहेगा। CPU के मुक्ष्य कार्य तीन भागो में बटा हुआ है. Fetch ,Decode ,Execute . मुख्यत ये इन भागो में बटा हुआ है.

Fetch

CPU द्वारा instruction को रिसीव किया जाता है. instruction जो संख्या की श्रृंखला होता है। ये एक प्रकार के Binary Code होता है. जो CPU से RAM को भेजा जाता है. प्रत्येक instruction जो आता है Operation का एक छोटा सा भाग होता है. CPU को ये पता होना चाहिए की अगला instruction कौन सा आ राह है.

बर्तमान instruction address को PC (Programme Counter) द्वारा रखा जाता है. Programme Counter और instruction को एक IR (Instruction Register )में रखा जाता है.PC Lenth को बढ़या जाता है ताकि अगला instruction Address के लिए reference किआ जा सके.

Decode

IR (Instruction Register ) में जब सब डाटा को स्टोर और फेच कर लिआ जाता है. तब CPU यह instruction को circuit को पास करता है.ये कार्य क्रम को instruction को Decoder कहा जाता है. यह दीये गए instruction को signals में convert कर देती है। CPU के अन्य पार्ट्स के द्वारा एक्शन के लिए पास किया जाता है.

Execute

किसी भी डाटा का प्रोसेस करने की ये आख़िरी चरण है. डिकोड किये गये instruction को पूरा करने के लिए CPU के संबधित पार्ट्स को परिणाम के स्वरुप भेज दिया जाता है complete होने के लिए . Results आम तोर पे लेखे जाते हैं CPU के register में . जहां पर ये later instruction द्वारा Reference किआ जासकता है. ये सभी प्रक्रिया के बाद उपयोगकर्ता को सही रिजल्ट CPU के द्वारा प्राप्त किआ जाता है.

CPU के प्रकार (Types of CPU )

CPU कम्प्यूटर का मुख्य अंग है. बिना CPU के कम्प्यूटर कुछ भी नहीं ये एक खाली डिब्बा है. बिना CPU के कम्प्यूटर
चल नहीं सकता। CPU कम्प्यूटर में सभी प्रकार का instruction और calculations प्रबंधन करता है. इस लिए कम्प्यूटर में CPU का योगदान बहुत बड़ जाता है. कम्प्यूटर के दूसरे components ,पार्ट्स को ये signals भेजता है.

Software Hardware प्रोग्राम के गति CPU के ऊपर निर्भर करती है. जितने पावरफुल CPU का कपैसिटी होगी उतीनी तेज गती से CPU का कार्य दक्ष्यता बड़ जाता है. इसी लिए ये महत्वपुर्ण हो जाता है। सही CPU चुने. ताकि आप की सभी काम को CPU सुचारुरूप कार्य कर सके. और कोई बाधा ना आ सके.

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Single Core CPU

Single Core CPU सब से पुराने बाला कम्प्यूटर में ब्यबहार किआ जाता था. Single Core CPU में एक ही समये पे
एक ही operation को अंजाम दे पाता था. उपयोगकर्ता एक ही समये पे एक ही operation करता है तो CPU ठीक ठाक चलता था. जब उपयोगकर्ता एक ही समये पी अनेक operation करने के लिए चाहता था तो CPU कार्य को अंजाम नहीं दे पाता था. जब तक उपयोगकर्ता एक operation को बंद नहीं करता तो दूसरे operation कार्य कर नहीं पाता था. ये Single Core CPU का बहुत बड़ा डेमेरिट्स था.

Dual Core CPUs

नाम से ही पता चल जाता है की। ये Dual Core का CPU है. इस में दो कोर होते हैं. इस प्रकार CPU में दो प्रकार का
CPU होते हैं. इसी लिए ये एक ही समये पे बहुत सरे operations बिना किसी रुकाबट के अंजाम दे सकता है. ये बहुत
सरे काम को एक साथ मैनेज कर सकता है. ये Single Core CPU से ज्यादा तेज रहेता है. इस में उपयोगकर्ता एक साथ बहुत सारे काम को अंजाम दे सकता है.

Quad Core CPUs

इस में Four Cores का एक सिंगल CPU का फीचर्स किआ जाता है. इस में CPU कार्य को बिभाजित कर के चारो cores में बाँट दिया जाता है. ताकि CPU जेतीनी भी बोझ पड़े आसानी से सुचारु ढंग से अपनी काम को अंजाम दे सके. उपयोगकर्ता को एक ही समये पे बहुत सारे काम को अंजाम दे सकता है . जैसे की Video editing ,Games,Designing इस प्रकार के कार्य को आसानी से काम कर सकता है.

Multi-Core Processors क्या है?

बास्तव रूप में ये एक CPU है। इस में दो या उसे अधिक इंडिपेंडेंट cores लगे होतेँ है. core सामान्य processor तरह समान होते हैं. ये instruction प्रोग्राम को execute करता है. ये एक ही समय पे कई सारे instructions को चला सकता है. यह सुभीधा इसकी गति को बहुत मात्रा में बढा देती है.

CPU के Clock स्पीड क्या होता है?

एक प्रोसेसर एक second में कितने नंबर instruction को निष्पादित करता है. उसे CPU के Clock स्पीड कहा जाता है. इस Clock स्पीड को GHz में मापा जाता है. ये इंगित करता है pc कीतीनी जल्दी डाटा को decode करता है. और डिकोड डाटा को कितने जल्दी निष्पादित करता है.

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DCA Course क्या है ? DCA का फुल फॉर्म क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में

हम उम्मीद करते की ये लेख CPU क्या है?CPU के हिसे ,CPU कैसे काम करता है? CPU के प्रकार, CPU के Clock स्पीड क्या होता है? cpu full form ये सब इसी article में समझने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है. CPU क्या है जो आप लोगो को पसंद आया होगा. आप के मन में इस आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है .या फिर article में और सुधर किया जासकता है. तो कृपया कर के नीचे comment करे।

RAM Kya Hai ? RAM के काम क्या ? है पूरी जानकारी हिंदी में

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RAM Kya Hai ? ये शब्द आप में से बहुत से लोग सुने होंगे . आज के डिजिटल युग में डिजिटल डिवाइस के ऊपर मनुष्य बहुत ही निर्भरशील हो गयी है. जब आप का कोई दोस्त नये मोबाइल या फिर कम्प्यूटर लाया हूँ बोलता है. तुरंत आप आपने दोस्त को सवाल करते है।उसकी RAM क्या है?.

या फिर आप जब कोई नये मोबाइल लाने के लिए दूकान को जाते हैं.सब से पेहेले RAM के बारे में सवाल करते है. इस सवाल कीऊं मन में आता है. इस सवाल का महत्वा कीऊं ईतिनी ज्यादा है. आप में से कुछ लोग RAM के बारे में जानते हैं. ये क्या काम करता है,ये कैसे काम करता है,उसका महत्वा क्या है. ये कितने प्रकार है. आज हम इस सबके बारे में इस आर्टिकल में बिस्तार रूप से चर्चा करेंगे.

RAM क्या है ?

RAM(Random Access Memory) कम्प्यूटर या मोबाइल का स्मृति को रहेना का एक रूप होता है. ये पर्याक्रम से पढ़ा और लिखा जासकता है. इसको Direct Access Memory भी कहाजाता है. ये कम्प्यूटर में कम जगह लेता है। secondary memory के तुलना से। RAM आमतौर पे अस्थिर मेमोरी होती है. जबतक कम्प्यूटर चालू रेहता है तो RAM में सेव होके रेहता है। जब बंद होजाता है तो संगृहीत जानकारी खो जाती है.

RAM कैसे काम करती  है?

RAM एक प्रकार अस्थिर मेमोरी है. जब तक कम्प्यूटर चालू रेहता है। तब तक RAM में डाटा सेव हो के रेहता। जब
कम्प्यूटर बंद हो जाता है तो RAM से सभी जानकारी खाली हो जाता है. इसी लिए इसे टेम्पोरेरी मेमोरी कहा जाता है. जब आप का कम्प्यूटर Boot होता है। BOIS हार्ड डिस्क के अंदर OS (Operating System ) ढूढ़ता रेहता है.

और OS को हार्ड डिस्क से बहार निकलाता है। और RAM में डालता है. तब जाके कम्प्यूटर चलता है. RAM(Random Access memory) की कैपेसिटी जीतिनी ज्यादा होगी। उतीनी ज्यादा applictions खोला जासकता है. और आप की डिवाइस मोबाइल सुचारु रूप से चल पायेगी। और मोबाइल हैंग नहीं होगी.

RAM का काम क्या है.

उपयोगकर्ता जब मोबाइल में गाना या मूवी देखता है. गाना या फिर मूवीज ये मेमोरी कार्ड में सेव
हो के रेहता है. जिसको सेकेंडरी मेमोरी कहाजाता है। उस पे गाना ,मूवीज सेव हो के रेहता है. जब उपयोगकर्ता गाना या
फिर मूवी देखता है.

CPU पहले मेमोरी कार्ड से गाना या मूवी ढूंढ के निक्लता और RAM में डालता है. तब जाके उपयोगकर्ता मूवी या फिर गाना देख पाता है. जब जब उपयोगकर्ता जिस जिस चीज को देखने की इच्छा करता है. तब तब cpu मेमोरी कार्ड से उस चीज को निकाल कर RAM में डालता है। ये क्रम से ये चक्र चल ता रेहता है.

आप ने कभी कभी देखे होंगे। मोबाइल पे ज्यादा ऍप्लिकेशन्स खोले जाने से सिस्टम मेमोरी फुल ऐसा मेसेज दिखाता है. ऐसा कियूं दिखाई देता है. आप के मन में ये सवाल आता होगा. ऐसा इसलिए होता है. जब उपयोगकर्ता यानी की आप एक समय पे बहुत सारी ऍप्लिकेशन्स एक साथ खोल दीये जाते है। तो RAM के ऊपर जादा बोझ पड जाता है. RAM एक शार्ट टर्म मेमोरी है. जीतने भी ऍप्लिकेशन्स खोला जाता है. ये सब RAM में सेव हो के रेहता है.

इसीलिए RAM के कार्य सैली में धीमापन आजाता है. और मोबाइल हैंग हो जाता है. इसीलिए मोबाइल खरीद ने के समय पे लोग RAM के ऊपर ज्यादा ध्यान देते हैं. जितने ज्यादा कैपेसिटी के RAM होगी उतीनी आसानी से कंप्यूटर  मोबाइल चलेगा। बार बार मोबाइल हैंग होने का डर नहीं रहेगा.

RAM Kya Hai

जीतीनी ज्यादा ऍप्लिकेशन्स एक साथ चलाओगे। उतीनी ज्यादा RAM का इस्तिमाल होगी । और मोबाइल धीमा या फिर हैंग हो जाएगा। तो इसीलिए उपयोगकर्ता को एक साथ कम ऍप्लिकेशन्स को ब्यबहार करना चाहिए। ताकि मोबाइल ठीक रूप से चले। RAM के ऊपर ज्यादा बोझ ना पड़े। आप केई बार देखें होंगे एक समाये पे ज्यादा ऍप्लिकेशन्स ब्यबहार करने से मोबाइल धीमा या फिर हैंग हो जाता है. जब मोबाइल बंद कर देने से।

और दुबारा चालू कर ने मोबाइल ठीक रूप से चल ता है. यहीं आप के मन में सवाल आता है ऐसा क्यूँ होता है. ऐसा इसीलिए होता है। RAM एक अस्थिर मेमोरी है. जब तक कम्प्यूटर या फिर मोबाइल चलता रहेगा तब तक RAM में डाटा सेव होता रेहेता है । जब मोबाइल या फिर कम्प्यूटर बंद हो जाता है.

RAM में जितने भी डाटा होगा सब खाली हो जाता है. इसिलए मोबाइल धीमा या हैंग हो जाने से। जब आप लोगों मोबाइल को बंद करदेते हैं और दुबारा चालू करते हैं तो मोबाइल ठीक रूप से काम करता है.

What is Full form of RAM हिंदी में

Random Accessory Memory

Random Accessory Memory इसे क्यूँ कहा जाता है.

RAM में डाटा और निर्देश cell एक साथ स्टोर हो के रेहता है. प्रत्येक cell कुछ Rows और Columns से मिलकर बनता है. जिसका एक आपने Unique Address होता है. इन Unique Address को सेल पाथ भी कहतें है. CPU इन सेल पाथ से अलग अलग डाटा प्राप्त कर सकता है. जो आपको डाटा चाहिए उस डाटा को सीधे बांछित ब्लॉक से डाटा प्राप्त कर शकता हैं.RAM में उपलध डाटा को Randomly Access क्या जाता है। इसी लिए RAM को Random Accessory Memory कहा जाता है.

RAM के प्रकार

RAM बहुत तरह के आकर के होता है. उसकी दक्ष्यता और गति के हिसाब से बिभिन्न भागों में बटा गया है. RAM के
क्षमता को Mb और Gb में मापा जाता है। RAM के गति को MHz और GHz मापा जाता है.

RAM मुख्यत 2 प्रकार के होते है.
1 Static RAM (SRAM)
2 Dynamic RAM (DRAM)

Static RAM(SRAM) क्या है?

जब तक बिजिली की आपूर्ति रहेगी तब तक RAM में डाटा स्टोर होते रेहेता है। जब बिजिली आपूर्ति बंद हो जाएगी RAM पे स्टोर हुई डाटा खाली हो जाता है . इसीलिए इसको volatile memory भी कहा जाता है. Static memory में बार बार refresh करने की जरुरत नहीं पड़ती. क्यूँ की ये स्तिर मेमोरी होती है. SRAM को बनाने के लिए उसमे ज्यादा पैसे के लागत आती है.

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Characteristics of Static RAM

बार बार Refresh करने की जरुरत नहीं.
इसकी गति बहुत तेज़ रहता है.
काफी दिनों तक चलता है.
CPU case memory के लिए इस्तिमाल किआ जाता है.
ये बहुत मेहेंगी है.

Dynamic RAM (DRAM) क्या है?

DRAM इसको Dynamic Random Access Memory के नाम से जाना जाता है. इसको बार बार Refresh करना पड़ता है . ताकि डाटा सेव हो के रहे सके. CPU के मुख्य मेमोरी में DRAM को इस्तिमाल किया जाता है. इस में आपने आप का डाटा स्टोर होता रेहता है. CPU से Randomly डाटा Access किआ जा सकता है. DRAM भी volatile होता है. जब तक बिजिली के आपूर्ति रहेगी तब तक डाटा स्टोर रहती है. जब बिजिली की आपूर्ति बंद हो जाती है। तो स्टोर हुआ डाटा खाली हो जाती है.

ज्यादा RAM होने से फायदा क्या है?

ज्यादा RAM का मतलब एक साथ बहुत सारे प्रोग्राम को चालू रख सके। इस से कम्प्यूटर slow ,hang नहीं होगा. कम्प्यूटर उपयोगकर्ता के हिसाब से सुचारु रूप चलता है. उपयोगकर्ता बहुत सारे काम एक ही समये पे बिना कोई बाधा के कर सकतें है.

अधिक कार्यक्रम

कुछ प्रोग्राम ऐसे होते है। जिस प्रोग्राम को चलाने के लिए एक निचित मात्रा के मेमोरी की जरुरत पड़ती है. उस मामले में
उपयोगकर्ता आसानी से उस प्रॉब्लम को हल करता है. और कम्प्यूटर सुचारु रूप से चलता है.

Net browsing

ज्यादा RAM होने से web browser तेजी से लोड होता है. जिसके द्वारा उपयोगकर्ता बहुत सारे web page कम समाये पे ज्यादा खोल के उसकी उपयोग में ला सकता है. Web browser धीमा ,हैंग ये सब नहीं होता है । सुचारु रूप से बहुत आसानी से उपयोगकर्ता net में काम कर पाता है .

Hard Disk क्या है? हार्ड डिस्क का कार्य, पूरी जानकारी हिंदी में

USB Full Form क्या है? यूएसबी के प्रकार जानकारी हिंदी में

आशा करता हूँ RAM Kya Hai? इसके प्रकार और प्रयोग क्या क्या है. कैसे काम करता है. RAM के प्रकार . ये सब इसी article में समझने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है. जो आप लोगो को पसंद आया होगा. आप के मन में इस
आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है .या फिर article में और सुधर किया जासकता है. तो कृपया कर के नीचे comment करे।

Motherboard Kya Hai? और कैसे काम करता है पूरी जानकारी हिंदी में

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Motherboard Kya Hai? मदरबोर्ड क्‍या हैं? जो लोग कम्प्यूटर के इस्तेमाल कर ते है. यह लोग मदरबोर्ड के बारे में थोड़ा बहुत या बहुत ज्यादाजानते हैं.

आप में से बहुत सारे लोगो कंहीना केहीं मदरबोर्ड का नाम पेहेले से सूना होगा. ये मदरबोर्ड क्या है? ये कैसे काम करता है. ये सब के बारे में। आज हम इस आर्टिकल में बिस्तार रूप से चर्चा करेंगे.

कम्प्यूटर के केबिनेट case अंदर देखें होंगे. कम्प्यूटर के बहुत सारे पार्ट्स एक कम्पोनेट से जुड़े रहेते है. उस कम्पोनेट को मदरबोर्ड कहा जाता है.कम्प्यूटर के अंदर जितने भी पार्ट्स होते हैं. उन सभी पार्ट्स का काम अलग अलग होता है. ये सारे पार्ट्स मदरबोर्ड से संवाद कर के अपना अपना काम करते है.

What is Motherboard in Hindi – मदरबोर्ड क्‍या हैं

Motherboard meaning मदरबोर्ड कम्प्यूटर हार्डवेयर का एक जंत्र है। जो कम्प्यूटर का एक मुख्य आंग है. इस के बिना कम्प्यूटर चलना नामुकिन है. इसीलिए मदरबोर्ड को कम्प्यूटर का बैकबोन माना जाता है. मदरबोर्ड एक PCB(Printed Circuit Board) होता है. कम्प्यूटर पार्ट्स जैसे की CPU,RAM,HARD DISK,MONITOR MOUSE,KEY BOARD इत्यादी जो Dedicated पोर्ट्स के माध्यम से जुड़े रेहते हैं. जो कम्प्यूटर के हर पार्ट्स को पकड़ कर रखता है. मदरबोर्ड इन पार्ट्स को बिजली की आपूर्ति करती है। और madar board से पार्ट्स के बिच संचार का स्थापना करती है. जिससे कम्प्यूटर सरलता से कार्य कर सके.

Motherboard Kya Hai

Motherboard Parts and Functions – मदरबोर्ड के कार्य

Component’s Hub मदरबोर्ड कम्प्यूटर का बैकबोन है. इसके बिना कम्प्यूटर कुछ नहीं एक खाली डिब्बा है. इसमें CPU,RAM,HARD DISK को स्थापित किया जाता है.

External Peripherals

उपयोगकर्ता के सुबिधा के लिए बाहारि उपकरणों को कम्प्यूटर से जोड़ने के लिए। मदरबोर्ड में expansion slots लगे होते है. मदरबोर्ड expansion slots को उपलब्ध करबाता है. ताकि नये उपकरण को इनस्टॉल किया जासके. इस स्लॉट्स के जरिये उपयोगकर्ता बाहारि उपकरण को कम्प्यूटर से लगा सकता है. KB MB GB TB FULL FORM KYA HAI हिंदी में जाने

Power Supply

कम्प्यूटर में लगे हुए बिभिन्न पार्ट्स को ठीक ढंग से निरंतर बिजली आपूर्ति करना मदरबोर्ड का काम है.

BUS

BUS कम्प्यूटर का एक ऐसा संचार प्रणाली है। जिस से कम्प्यूटर के अंदर जो घटकों होते हैं उनके बिच डाटा का हस्तान्तर करना। BUS कम्प्यूटर के अन्य सभी घटकों जैसे की CPU ,memory,इनपुट आउटपुट जंत्र को जोड़ता है.

Data Flow

मदरबोर्ड एक communication hub की तरह काम करता है. जिसके द्वारा सारा Peripherals कम्पोनेट संजोग होते हैं. मदरबोर्ड सुनिश्चित करता है की सारे Peripherals कम्पोनेट आपस में ठीक ढंग से सुचारु रूप से communicate कर सके।

BIOS

मदरबोर्ड की Read Only Memory चिप में एक प्रक्रिया जंत्र सामग्री संगृहीत कर के रखती है. जिसमें कम्प्यूटर की
इनपुट /आउटपुट BIOS होता है. जब कम्प्यूटर को on करते हैं। तो उस बक्त BOIS ही कम्प्यूटर सिस्टम को स्टार्ट करने की प्रोसेस को पूरा करता है.

मदरबोर्ड का चयन कैसे करे ?

मदरबोर्ड कम्प्यूटर का मुख्य अंग होता है. कम्प्यूटर के भीतर जितने भी कंपोनेट है। उन सभी कंपोनेट को मदरबोर्ड पकड़ कर रखती है। मदरबोर्ड के द्वारा सभी कंपोनेट को अनिबरत बिजिली की आपूर्ति करता है. इसके साथ साथ मदरबोर्ड में जितने भी जंत्र लगा हुआ है। इन सभी जंत्र को आपस में संवाद करबाता है.

मदरबोर्ड का आकर और Layout को Form factor कहा जाता है. Form factor के मद्दत से ये तय किया जाता है की मदरबोर्ड का design कैसा हो सकता है.

मदरबोर्ड बहुत प्रकार के आता है. आवश्यकता के अनुसार मदरबोर्ड के साइज ,design,Cases,Power supply बनाय जाता है. मदरबोर्ड सभी प्रकार की components को सहयोग नहीं करती। इसीलिए मदरबोर्ड चयन करते समय बहुत ही सोच बिचार के साथ चुनाब करना चाहिये.

ताकि आप को भबिष्य में कुछ असुबिधा ना होने पाये .मदरबोर्ड विभिन्न प्रकार का होता है.आप जिस काम के लिए Computer ले रहें है .उसी काम के लिए motherboard ठीक है या नहीं आच्छी तरह से चेक करना चाहिए उसका साइज़ कैसा है design हर चीज़ को चेक कर लेना चाहिए . Computer Laptop Screen Record क्या है? || कंप्यूटर में स्क्रीन रिकॉर्डिंग कैसे करे?

Motherboard Components – मदरबोर्ड के मुख्य कंपोनेट

Power Connectors

कम्प्यूटर में CPU (Central Processing Unit) और कम्प्यूटर लगे हुए दूसरे पार्ट्स को Power Connectors द्वारे बिजली की निरंतर सप्लाई रहेता है.

CPU Socket

CPU Socket ही प्रोसेसर को मदरबोर्ड से इनस्टॉल करने में मदत करता है. CPU अधिक मात्रा में गर्मी पैदा
करता है. इस सॉकेट के ऊपर एक हीट शिंक और फैन लगा रेहता है। जो CPU को गर्मी से थोड़ा ठंडा किआ जा
सके. प्रोसेसर जीतीनी स्पीड होगी उतीनी ही कम्प्यूटर का परिणाम आच्छा रेहता है. ये प्रोसेसर को पावर आपूर्ति करता है। साथ साथ ये कम्प्यूटर के डाटा को अन्य कम्पोनेट को ट्रांसफर करता है.

BIOS

BOIS मदरबोर्ड में लगने बाला एक पार्ट्स है. इस कम्पोनेट में इंटीग्रेटेड चिप लगा हुआ है जो Read Only Memory चिप में एक प्रक्रिया जंत्र सामग्री संगृहीत कर के रखती है. जिसमें कम्प्यूटर की इनपुट /आउटपुट BIOS होता है.

RAM

मदरबोर्ड में RAM(Random access memory) एक जरूरी अंश है. RAM एक temporary मेमोरी होता है. कम्प्यूटर जबतक चालू रेहेता है तब तक इस में डाटा सेव हो के रहता है. जब कम्प्यूटर बंद हो जाता है सभी डाटा उस से चला जाता है.

RAM Kya Hai RAM के काम क्या है पूरी जानकारी हिंदी में

CPU क्या है कैसे काम करता है जानकारी हिंदी में

Input/Output ports

उपयोगकर्ता कम्प्यूटर को इनपुट देने के लिए एक माध्यम की जरुरत पड़ती है। उस इनपुट माध्यम को मदरबोर्ड से जोड़ने के लिए पोर्ट्स दिये जाते हैं. इस इनपुट पोर्ट्स के माध्यम से keyboard,mouse,usb कम्पोनेट आदि से उपयोगकर्ता Computer को इनपुट देता है. उस इनपुट का प्रोसेस हो के जो परिराम आता है. उस परिणाम को दिखाने के लिए आउटपुट पोर्ट की जरुरत पड़ती है। उस आउटपुट पोर्ट्स में monitor ,speeker ,प्रिंटर,माइक्रोफोन, इत्यदि आउटपुट पोर्ट्स में लगाने से उपयोगकर्ता को परिणाम मिल पाती है.

CMOS Battery

कम्प्यूटर के Boot process को स्टार्ट करने के लिए power की जरुरत पड़ती है। इसी लिए एक Battery BOIS में
लगती है. उस Battery को CMOS Battery कहा जाता है. उस Battery के द्वारा कम्प्यूटर में system time और ,घंटा ये सब मैनेज CMOS Battery द्वारा किआ जाता है.

SATA Connector

SATA हार्ड डिस्क और ऑप्टिकल डिस्क को SATA Connector द्वारा मदरबोर्ड से संजोग किया जाता है.

USB Port

कम्प्यूटर से इनपुट /आउटपुट परिणाम के लिए USB (Universal Serial Bus) किआ जाता है. USB के द्वारा उपयोगकर्ता mouse,keyboard,external Hard drive इत्यादि USB पोर्ट के द्वारा ब्यबहार में ला जासकता है.

External Ports

एक कम्प्यूटर से दुसरे कम्प्पूटर को जोड़ने के लिए External Ports की जरुरत होती है. External Ports के द्वारा एक कम्प्यूटर को दुसरे कम्प्यूटर को network cable से जोड़ा जाता है.

Display Connector

Display Connector के द्वारा कम्प्यूटर की मदरबोर्ड से कम्प्यूटर के मॉनिटर जोड़ा जाता है. तब जाके उपयोगकर्ता
कम्प्यूटर के आउटपुट प्रोसेस का परिणाम को मॉनिटर के द्वारा डेक सकता है.

North Bridge Chipset

ये एक micro chip होता है. इस का काम है PCI device ,RAM ,Hard Disk को प्रबंधन करना। ये सीधे CPU के साथ जुड़ा रहेता है.

South Bridge Chipset

कम्प्यूटर के सभी इनपुट / आउटपुट को नियंत्रण करने के लिए काम करता है. इसे IC Chip भी कहा जाता है। जो
North Bridge से सीधे जुड़ा रहेता है.

मदरबोर्ड के प्रकार- Types of Motherboard

कम्प्यूटर के विकास के साथ साथ मदरबोर्ड का विकास पर्याक्रम से विकास होता रेहता। और आगे भी होता रेहेगा।
आज विभिन्न प्रकार का मदरबोर्ड है. जो एक दुसरे से अलग है ।

AT Motherboard

कम्प्यूटर में सबसे पहेले AT मदरबोर्ड का इस्तिमाल किआ गया था. जो Advance Technology मदरबोर्ड में नये टेक्निक से बिकशित power connector को लगाया गया था.

ATX Motherboard

Intel द्वारा ATX Motherboard को साल 1990s प्रस्तुत किया गया था। जो पहले मदरबोर्ड की तुलना से आकर में छोटा था. ATX Motherboard बहुत सारे बदलबा कर के प्रस्तुत कया गये था.मदरबोर्ड और बिजिली आपूर्ति जैसे बड़े बदलाब किआ गया था.

Mini ITX Motherboard

ये किसी भी पारम्परिक मदरबोर्ड से बहुत ही छोटा है. छोटे आकर और fan-less के कारण ये पारम्परिक मदरबोर्ड से कम बिजिली की खफत उसमें होती है.इस के अलाबा बहुत सारे मदरबोर्ड है उपलध है.

Operating System क्या है? कैसे काम करता है पूरी जानकारी हिंदी में

Hard Disk क्या है? हार्ड डिस्क का कार्य, पूरी जानकारी हिंदी में

आशा करता हूँ Motherboard Kya Hai ? कैसे काम करता है. मदरबोर्ड के कार्य? . मदरबोर्ड के मुख्य कंपोनेट . ये सब इसी article में समझने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है. जो आप लोगो को पसंद आया होगा. आप के मन में इस आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है .या फिर article में और सुधर किया जासकता है.
तो कृपया कर के नीचे comment करे।

Internet Kya Hai ? इंटरनेट क्या है पुरी Jankari हिंदी मैं

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इंटरनेट क्या है? Internet Kya Hai

आज इंटरनेट मानव जीवन का एक ऐसे हीसा बनगइ है। जिसके बिना एक पल भी जीना मुश्किल है|आज मानव समाज एक दिन ,दो दिन बिना खाना खाये हुए जिसकता है। लेकिन इंटरनेट के बिना एक पल भी बिताना मानव समाज के लिए बहुत कठिन है|

Internet एक ऐसा Global network है। जिस के माध्यम से भिन्न भिन्न जगह की computer अपनी अपनी
तथ्य एक्सचेंज करने के लिए आपस में connect होते है|दुनिआ की हर कंप्यूटर को जिस माध्यम से जोड़ा जाता है।
उसी मध्यमा को इंटरनेट कहाजाता है| इंटरनेट एक महाजाल है,आज हम इस लेख में intenet ki jankari hindi me इंटरनेट के जानकारी internet kya hai in hindi में बिस्तार रूप से चर्चा करेंगे |

What is internet in Hindi

Internet Kya Hai जो एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर से जोड़ता है|सुचना की आदान प्रदान करता है, इंटरनेट दुनिआ का सबसे बड़ा ग्लोवल नेटवर्किंग है|इंटरनेट से जुड़े हुए प्रतेक कंप्यूटर का एक बिशेष पेहेचान होता है जो इसे ip address के नाम से जानाजाता हैं। TCP /ip address से computer का लोकेशन ,देश,प्रदेश सबकुछ पता चल जाता है|

इंटरनेट और web दो अलग अलग चीज़ है। जो बहुत से लोग दोनों चीज़ को एक चीज़ समस्ते है|इंटरनेट
global communication system है जो computer से कंप्यूटर को जोड़ने का काम करता है|

Web एक सर्विस है जो इंटरनेट को कंप्यूटर से दुबारा कनेक्ट करता है |कंप्यूटर का जैसा ip address है ठीक उसी तरह वेब का dns है जो कंप्यूटर का ip को जोड़ देता है। तब जाके हमे e-mail,video,youtube, social networking साइट खोल पते हैं. और हमारा काम करपाते हैं|

Internet Kya Hai

IP address kya hota hai

IP(Internet Protocol) address इंटरनेट के पते के लिए होते है | IP address एक बिसेष तरह की पहेचान संख्या जो एक विशिष्ट कंप्यूटर या फिर कंप्यूटर नेटवर्क्स से जुड़े रहेता है| जब कंप्यूटर इंटरनेट से जुड़ता है तब IP address के द्वारा कंप्यूटर इंटरनेट से सूचना पाता है और सूचना देता है| IP address के द्वारा कंप्यूटर का पता चलता है | कंप्यूटर कौन सा देश में कौन सा जगा पर है सब कुछ पता चल जाता है|

IP address चार तरह के होती है|Public,Private.Static और Dynamic,सार्वजनिक और निजी नेटवर्क के स्थान का जाना जाता है|निजी नेटवर्क के अन्दर उपोयोग किया जाता है| जब की सार्वजनिक निजी नेटवर्क से बहार उपोयोग
किया जाता है, static और dynamic स्थायीता का पहेचान है| Facebook Profile Lock kaise kare? हिंदी में पूरी जानकारी

ISP (Internet Service Provider) क्या है 

ISP एक संगठन है ,जो इंटरनेट को व्यबहार करने के लिए उपयोग करने के लिए  भाग लेने के लिए सेवा प्रदान करतें है | ये संगठन private,वाणिज्यक ,सामुदायीक ,गैर लाभकारी हो सकता है|

Website kya hai

Website आमतोर पे publicly जो accessible होता है,जो web pages को एक ही domain नाम से share करता है|Website को सार्वजनिक रूप से WWW के द्वारा accessible किया जाता है,उसे website कहा जाता है|
Website एक व्यक्ति ,समूह ,व्यबशय या फिर संगठन के द्वारा बिभिन्न प्रकार उद्देश्य को संपादीत करने के लिए निर्माण किया जाता है,website एक web pages का केंद्रीय जगा है|

जहां पर तरह तरह के web pages होतें है,प्रतेक पृष्ठा एक HTML कंप्यूटर language से बना जाता है जो आपस में hyperlinks और links से जुड़े रेहेंतें है | एक नेविगेशन बार के सहारे आसानी से व्यबहार किया जाता है|उपयोगकर्ता तरह तरह के इनफार्मेशन पा सकता है| उपयोगकर्ता web browser के शाहारे website में जाता है और तरह तरह के इनफार्मेशन प्राप्त करता है|

उदाहरण के तोर पे हमारा website का URL(https://www.techuhindi.com/) है |उपयोगकर्ता इस URL को web browser में टाइप कर के इंटर करेगा हमारा website का home page web browserखोल जाएगा और उपयोग करता website में जीतेने भी web pages है web page खोल के इनफार्मेशन पासकता है| Instagram Reel Download kaise kare? हिंदी में पूरी जानकारी

Definition of Internet हिंदी में

इंटरनेट एक वैश्विक wide area network है| जिसके द्वारा दुनिया भर के कंप्यूटर आपस में जुड़ते हैं और बिचार
का आदान प्रदान करते हैं|

History of Internet

USA का रक्षया बिभाग ने 1960s के दसक मैं ARPANET संथा जो wide area packet switching networks
tcp /ip द्वारा कंप्यूटर को आपस में जोड़ा था। लगभव मानाजाता है internet यहीं से सुरु हुआ| जो आगे चल के बहुत
से सुधर हो के पूरा दम से आगे बड़ राहा है|

Internet Web Browser

इंटरनेट में जाने केलिए वेब ब्रोसवेर की ज़रूरत पड़ती है. वेब ब्रोसवेर में वेब का एड्रेस डालते ही वेब ब्रोसवेर आप को वेब
पेज में लेजाता है| Internet Web browser एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो इसकी माध्यम से आप इ-मेल ,वीडियो,text ,graphics सबकुछ करसकते है| World Wide Wave में जो content होता है उसी content को एक्सेस करने के लिए एक software चाहिए जिसके द्वारा content को एक्सेस करसके. उसे web browser कहा जाता है|

इंटरनेट का उपयोग Advantage of Internet

इंटरनेट का उपयोग तो हर जगह होता है|हर जगह का उल्लेख करेंगे तो बहुत बड़ा लेख हो जायेगा। उनमें से कुछ खास जगह का हम चर्चा करेंगे.इंटरनेट क्या है  इंटरनेट का advantage बारे निचे दिए गयी  है|
Education
Communication
Job Searching
Information
Entertainment
Shopping
Online Booking
Real Time Update
Banking

Education

आजकल ऑनलाइन एजुकेशन बहुत तेज़ से उभर रहा है. जो स्टूडेंट दूर दराज़ में रेहतें है। जो फिजिकली कॉलेज,यूनिवर्सिटी , institutes ,टूटियरल क्लास में प्रेजेंट रहकर सिख्या ग्रहण करना आसान नहीं हो पता है । उन जैसे स्टूडेंट के लिए ऑनलाइन कोर्स,टूटियरल क्लास कर के सिख्या ग्रहण करना बहुत आसान हो जाता है|बहुत से University , Colleges,Institutions, जो ऑन-लाइन एजुकेशन का वैलिड सर्टिफिकेट भी इशू करते है|

Communication

Internet के द्वारा आज हर एक आदमी दूसरे आदमी से आसानी से अपना बार्ता ,चाहे वीडियो मैसेज हो चाहे इ-मेल हो
चाहे और कोई चीज़ हो बहुत ही आसानी से बहुत ही कम time में अपनी बर्ता दूसरे आदमी तक पहंचा सकती है|
चाहे दूसरे आदमी कीतीना भी दूर हो internet के माध्यम से अपनी बार्ता पहंचा देता है|

Job Searching

आजकल बहुत से लोग बहुत educate हो रहें है. इसी लिए पढ़ाई लिखाई लोग गाँव में रेहेने नहीं चाहते हैं|
उनको Govt job हो या Private job चाहिये। वो लोग अपनी सीख्यागत जोग्यता की हिसाब से आपने लिए internet में job सर्च करते रहतें हैं|

Internet एक ऐसा प्लेटफार्म है जो Job Provider और Job Seekers एक साथ आतें हैं|इसीलिए Job Provider
आपनी जॉब के बारे में internet में advertisement करतें है|Job Seekers इंटरनेट में सर्च कर के पता लगता है की post काहां काहां vacant है जो apply करसके|

Information

Internet एक ऐसा प्लेटफोर्म है जो हर Questions का Answers उपलब्ध  है|Internet में कोई चीज़
सर्च करने के लिए search engine ब्यबहार किआ जाता है|यूजर जो चीज़ खोज रहा है। search engine यूजर के
हिसाब से answer के रूप में web page यूजर के सामने रख देता है कुछ ही सेकेण्ड में|

Entertainment

Internet में entertainment के लिए एक बहुत बड़ा जगा है। Internet जो हर टाइप्स का entertainment केलिए भरा पड़ा है|यूजर जैसा चाहे व्हेसा entertainment का मजा लेसकता है. चाहे film हो video हो youtube देख सकता है। और गाना भी देख सकते  है, ऑनलाइन गेम भी खेल सकता है|

Shopping

Internet के कारन आज हम बाज़ार को घर में लादिया। घर में ही बैठ कर बहुत आराम सामान का आर्डर कर सकते है|
बाज़ार में अपनी मनपसंद सामान कौन सा इ-कॉमर्स साइट में क्वालिटी प्रोडक्ट और सस्ते भी है। ये सब देख कर
सामान का आर्डर कर सकते हैं, केबल internet के कारन ये सबकुछ सम्भव है|

Online Booking

आज हम घर में बैठ कर ट्रैन टिकट ,प्लेन टिकट,सिनेमा टिकट ,लॉज बुक कर सकते हैं| टिकट के लिए हमें वहाँ
जाना नहीं पड़ेगा,घर में ही बैठ कर टिकट बुकिंग कर सकतें हैं,ये सब केबल internet के कारन कर सकतें हैं|आप IRCTC से ट्रेन के ticket घर बैठ कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते है |

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IMPS क्या है? आईएमपीएस कैसे काम करता है?आईएमपीएस का उपयोग कैसे करे |

Real Time Update

इंटरनेट  एक ऐसा माध्यम है जो आदमी को एकदम अपडेट कर देता है,कहां किया होता है | Train का Running status किया है ,flight Timing Status ये सब का जानकारी एक सेकेण्ड में मिलजाती है| देश भर की हाल चाल हम को internet के माध्यम से एक दम अपडेट हो जाते हैं|

Banking

इंटरनेट  के कारन बैंकिंग सिस्टम बहुत ही आसान होगया है|आज हम घर में ही बैठ कर money Transfer करसकते हैं|जो पहले हमें बैंक में जाकर Transfer करना पड़ता था|पहले अलग सहर को पैसा भेजेने में बहुत time लग जाता था|आजकल इंटरनेट के कारन कुछ ही मिंटो में पैसा मिलजाता है|

Internet ko hindi me kya kehte hai 

इंटरनेट को हिंदी में अंतरजाल कहा जाता है|

ये पोस्ट “इंटरनेट क्या है Internet Kya Hai” history of Internet  ,Advantages ऑफ़ Internet इंटरनेट  के बारे में लिखा गया लेख  हम उमीद करते हैं। आप लोगो को ये पोस्ट बहुत आछा लगा होगा|Internet Kya Hai Internet के वारे बहुत से जानकारी ये पोस्ट में दिआ गेया है. इंटरनेट क्या है इस पोस्ट में अगर कोई त्रुटि हो गई तो कृपया कर के कमेंट करे/मेल करे|


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कंप्यूटर क्या है? – कंप्यूटर कैसे काम करता है कंप्यूटर के बारे में जानकारी हिंदी में?

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कंप्यूटर क्या है? आज हम उसके बारे में इस article में बिस्तार रूप से चर्चा करेंगे. आज की डिजिटल दुनिआं में
कंप्यूटर  मनुष्य का एक अभिन अंग बनगया है.हर जगह हर स्थान पर कम्यूटर का ब्यबहार हो रहा है.

कंप्यूटर मनुष्य जीवन के जीने की तरीका को बहुत ही आसान बना देता है. कंप्यूटर मनुष्य जीवन का एक अहम हिस्सा बन चूका है.स्कूल ,कालेज ,दफ्तर ,घर, बैंक,रेल ,मेडिकल इत्यादि। हर जगह पर कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है. कंप्यूटर केद्वारा काम काज सठिकता से जल्द से जल्द कार्य संपादन हो रहा है.

आज हम कंप्यूटर क्या है ?Computer details in hindi कंप्यूटर कैसे काम करता है. What is computer in hindi कंप्यूटर की  परिभाषा  कंप्यूटर की कार्य-प्रणाली ये सब इसी लेख में बिस्तर रूप से चर्चा करेंगे.

कंप्यूटर क्या है? What is Computer in Hindi

कंप्यूटर एक एलोट्रोनिक मशीन है. जो उपयोगकर्ता के द्वारा दिये गये इनपुट डाटा को प्रोसेस करके सूचना को
आउटपुट के रूप में प्रदान करता है. उपयोगकर्ता के द्वारा दिए गए निर्देश को पालन करता है. कंप्यूटर में डाटा को
रखा जाता है. जिससे इस डाटा को भबिष्य में उपयोगकर्ता के दुबारा  उपयोग में आसक्त है. Computer ये शब्द Latin शब्द Computare लिया गया है. Computare अर्थ है गणना करना।

कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर की परिभाषा क्या है?

कंप्यूटर आमतौर पे तीन काम से अपना काम को प्रतिपादित कर ता है. पहला काम उपयोगकर्ता के डाटा को जो इनपुट कहा जाता है.दूसरा काम उस इनपुट उपयोगकर्ता का इनपुट डाटा को process करने को हो ता है.

और तीसरा काम और सब सेआखिर काम process डाटा को उपयोगकर्ता के सामने दिखा ना. उसे आउटपुट भी कहतें है. . कुछ साल पहले तक आपने  बैंको में कार्यालय में ढेरो फाइलों के अम्बर लगा हुआ देखा होगा। इतनी फाइल को ठीक से संभाल कर रखना भी बहुत ही कठिन और खर्ज्तान  ब्यापार है.

ये सब तकलीफ से कंप्यूटर एक मिनिट में हल कर देता है.कंप्यूटर के लिए जादा जगह की जरुरत नहीं है. कंप्यूटर एक छोटा सा टेबल के ऊपर भी रखा जा सकता   है. और बहुत सारे डाटा को बहुत आसानी से रख पाती है.

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

आज कल हर कोई computer,Laptop,tablet ब्यबहार करता है. उनमे से बहुत सारे ऐसे लोग भी है. जो उनको ये मालूम नहीं है की कंप्यूटर कैसे काम करता है. थोड़ी बहुत यहां हम चर्चा करेंगे कंप्यूटर कैसे काम करता है.

Input

जो उपयोगकर्ता इनपुट डिवाइस के द्वारा आपने तथ्य को कंप्यूटर में डालता है. उसे Input data कहा जाता है. जैसे की उपयोगकर्ता कोई text,video,image डालता है.

Processing

उपयोगकर्ता के input डाटा को कंप्यूटर processing करता है. ये संपूर्णा तह कंप्यूटर का इंटरनल process होता है. ये उपयोगकर्ता के इनपुट डाटा जानकारियां के अनुसार process करता है.

Output

उपयोगकर्ता के इनपुट डाटा को process  से निकला परिणाम के स्वरुप में monitor में दिखने को output कहा जाता है. जब डाटा प्रोसेस हो जाता है उपयोगकर्ता आपने  monitor audio video device में देख  सकता है. ये आउटपुट डाटा को उपयोगकर्ता save कर के storage में रख सकता है. ताकि भबिष्यत में दुबारा काम में आ सके।

कंप्यूटर क्या है हिंदी में ? – What is computer in Hindi

कंप्यूटरकई  तरह की कार्य करने के लिए कई तरह की उपकरण और programme को साथ में लेके कार्य संपादन करता है.ये उपकरण और programme को कंप्यूटर की Hardware और Software कहा जाता है. आज हम कंप्यूटर के इस उपकरण और software के बारे में कुछ चर्चा करेंगे.

System Unit

System Unit एक बॉक्स टाईप का होता है. इस के अंदर कंप्यूटर को चलाने के लिए बिभिन्न प्रकार का जंत्र लगा हुआ रहेता है. ताकि कंप्यूटर आसानी से चल सके आसानी से आपने कार्य को ठीक रूप से कर सके . बॉक्स को तकनीकी भाषा में CPU (Central Processing Unit ) कहा जाता है. उसे computer case भी कहा जाता है. इस CPU के अंदर बहुत सारे आबश्यक जंत्र लगे होते हैं. जैसे की Motherboard,Ram,Processor,Hard disk,Power Supply Unit , Expansion Cards इत्यादी।

Motherboard

कंप्यूटर का मुख्य circuit board को mother board कहा जाता है. मोटा मोटी कहा जाए तो कंप्यूटर का मुख्य अंग mother board है. इसमें सभी हिसो को जोड़ा दिया  जाता है. ताकि कंप्यूटर आसानी से अपनी कार्य कर सके. Computer details in hindi जैसे की CPU, Mouse,Keyboard,Printer,Connector Hard Disk Drive को जुड़ा रहता है. देखा जाए तो कंप्यूटर के हर patrs को motherboard  प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ा रहेता है.

Processor

ये कंप्यूटर case के अंदर motherboard में रहेता है. इसको कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है. ये कंप्यूटर के अंदर जितने भी कार्य होता है. सब के ऊपर नज़र रखता है.

और कंप्यूटर को नियंत्रित करता है. Processor का speed जीतिनि ज्यादा होगी । उतीनी ही speed से उपयोगकर्ता का इनपुट डाटा को processing कर पाता  है.

Hard Disk Drive

कंप्यूटर के Storage के रूप में काम करता है. Hard Disk Drive में software ,दस्ता बेज़ फाइल को सेव किआ जाता है. उपयोगकर्ता के जितने भी डाटा चाहे text रूप में हो या video के रूप में हो ,चाहे किसी अन्य प्रकार के डाटा हो। ये सब Hard Disk Drive में संभल कर कंप्यूटर रखता है। भबिस्य में यही डाटा उपयोगकर्ता के काम में दुबारा आसके.

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RAM (Random Access Memory)

RAM कंप्यूटर के short term memory होता है. उपयोगकर्ता जो भी काम कंप्यूटर में काम करता है. कंप्यूटर में जब भी कुछ calculations होता है। जो परिणाम निकल ता है। उस परिणाम को temporarily उस परिणाम को RAM में सेव  कर लेता है.

RAM को main memory या primary memory  भी कहा जाता है. जब तक कंप्यूटर चलता रेहता है। तब तक कंप्यूटर में होने बाले process को RAM में save करता रेहता है. जब कंप्यूटर बंद हो
जाता है तो RAM में save हुए पूरा डाटा चला जाता है. RAM में डाटा short term के लिए डाटा save हो के रेहता है.

Power Supply Unit

कंप्यूटरको चलने के लिए power supply की अनिबर्य होता है. कंप्यूटर को power supply कर ने के लिए एक जंत्र होता है. उस जंत्र को SMPS (Switched Mode Power Supply) नाम से जाना जाता है. उस जंत्र के द्वारा कंप्यूटर के हर parts को जीतीनी power की जरुरत होती है। उसी के हिसाब से SMPS से power supply होता रेहता है.

Monitor

उपयोगकर्ता जो input device के द्वारा डाटा कंप्यूटर को भेजता है। उस डाटा process हो के जो परिणाम निकल ता है। उस निकला हुआ आउटपुट परिणाम को दिखने के लिए monitor के जरुरत पड़ती है.

तब जाके उपयोगकर्ता कंप्यूटर से निकाला हुआ output process को सहज से मॉनिटर में देख सकता है.

Keyboard

उपयोगकर्ता कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए एक input device माध्यम की जरुरत पड़ती है. कंप्यूटर को केबल input device द्वारा दीये गये निर्देश को ही जान पाता है.इसीलिए  Keyboard की जरुरत पडती है.

Keyboard के द्वारा उपयोगकर्ता कंप्यूटर को बिभिन्न प्रकार के निर्देश देता है.

Mouse

Mouse भी एक input device है. जिसके द्वारा उपयोगकर्ता कंप्यूटर को निर्देश देता है. इसके द्वारा कंप्यूटर में उपलध programme को उपयोगकर्ता ब्यबहार कर पाता  है.

Speakers

Speakers कंप्यूटर का एक output device है। जिसके द्वारा उपयोगकर्ता कंप्यूटर में गाना ,वीडियो गाना ,भाषण इत्यादी सुन सकता है.

Printer

Printer कंप्यूटर का एक output device है। उपयोगकर्ता अगर कोई document ,इमेज या फिर और कोई चीज को print करना चाहेगा तो प्रिंटर के साहारे उस चीज को प्रिंट कर सकता है.

कंप्‍यूटर के प्रकार – Types Of Computer in Hindi

कंप्यूटर के काम कर ने की आधार पर मूलतः तीन बिभाग से बाटा गया है.
Analog Computer
Digital Computer
Hybrid Computer

Analog Computer

Analog एक ऐसा कंप्यूटर होता है। जिसमे Analog signal का इस्तेमाल किया जाता है. Analog कंप्यूटर जो तापमान,गति ,लम्बाई इत्यादि को मापा जाता है.

मौसम बिज्ञान में हबा की दबाब ,बाताबरण में नमी, बारिस आज कीतीनी हुई ,या फिर आज के तापमान सब से कम या सब से जादा ये सब गणना Analog कंप्यूटर में किआ जाता है.

Digital Computer

Binary Digit के उपयोग करके कोडिंग language के साथ गणना किया जाता है. Digital Computer के परिणाम बहुत ही सठीक रहेती है. ये गणना को text graphic picture के रूप में प्रदान करती है.

Hybrid Computer

Analog signal और Binary digit को दोनों को साथ साथ समझ ने में इस में दक्ष्यता होता है. Analog signal और Bainary digit के process को परिणाम को दिखाती  है.

इसकी Analog भाग समीकरणों को process कर के उपयोगकर्ता सामने प्रस्तुत करता है. और डिजिटल भाग Logical calculation को गणना कर के उपयोगकर्ता के साम ने प्रस्तुत कर ता है. Hybrid कंप्यूटर में operating mode के हिसाब से गणना को उपयोगकर्ता के सामने दिखाती है.

कंप्यूटर  के फुलफार्म क्या है?

आम तोर पे Computer का फुलफॉर्म इस प्रकार का है.
C – Commonly , O – Operating , M – Machine , P – Particularly
U – Used in , T – Technology , E – Education and , R – Research

कंप्यूटर  की आबिस्कार ?

Charles Babbage को कंप्यूटर का जनक माना जाता है. Analytical Engine सन 1833 में Charles Babbage ने आबिस्कार किआ था । जो आधुनिक युग के कंप्यूटर के आधार माना जाता है. इसी के कारण Charles Babbage को Father of Computer कहा जाता है.

कंप्यूटर का इतिहास

आज से 3000 साल पहले प्राचीन यूरोप ,चीन में  Abacus प्रणाली द्वारा गणना किआ जाता था। प्रामाणिक रूप से कंप्यूटर के development को generations के हिसाब से बिभाजित कर दिया गया है. ये मुख्यतः 5 generation में बांटा   गया है.

कंप्यूटर  के प्रथम generation 1940 1956

कंप्यूटर  के प्रथम generation में vaccum tubes पर निर्भर पंच कार्ड ,पेपर टेप्स circuitry और magnetic drums को मेमोरी के लिए ब्यबहार किया जाता था। कंप्यूटर का मेमोरी बहुत बड़ा आकर का और बहुत ही ओजन दार रहता था।

कंप्यूटर लगाने केलिए एक बड़ा सा कमरे की जरुरत पड़ती थी. ये बहुत  महंगा आता  था. आम लोगो के लिए कंप्यूटरलगाना लगभग नामुकिन होता था.

प्रथम generation कंप्यूटर में बहुत सारे मुस्किलो का सामना करना पड़ता था. प्रथम generation कंप्यूटर बहुत हिट generate होता था. इसीलिए malfunction का खतरा उसमे रेहता था.

इस में पंच कार्ड और पेपर टेप्स को इनपुट के तरह ब्यबहार किया जाता था. इस में machine language का इस्तेमाल किआ जाता था. जैसे की UNIVAC और ENIAC है.

कम्यूटर के द्वितीय  generation 1956 1963

प्रथम generation कंप्यूटर में vacuum tubes का ब्यबहार किआ जाता था .लेकिन द्वितीय generation कंप्यूटर में vacume tube के जगा transistor ने ले ली.

प्रथम generation कंप्यूटर मे बहुत मात्रा से heat generate हुआ करती थी. Transistor के कारण द्वितीय कंप्यूटर generation में energy efficient हुआ.

और heat generate भी बहुत काम होगई। फिरभी द्वितीय generation कंप्यूटर में heat generate का मामला दिखाई देता था. द्वितीय generation कंप्यूटर में COBOL और FORTRAN जैसा High Level Programming Language को ब्यबहार में लिया गया।

कम्यूटर के तीसरी generation 1964 1971

कम्यूटर के तीसरी generation में integrated circuit का ब्यबहार किया गया था। उस में transistor को छोटा आकार दे कर silicon chip के अंदर डाला जाता था.

तीसरी generation कंप्यूटर का processing का कार्य करने के ख्यामता बहुत बड गयी थी । तीसरी generation कंप्यूटर में उपयोगकर्ता के मन मुताबिक काम किआ गया था. इस में monitor,keyboard,operative system को पहेली बार इस्तिमाल किआ गए था.

कम्यूटर के चौथी generation 1971 1985

चौथी generation कंप्यूटर में microprocessor को ब्यबहार में लाया गेया। चौथी generation कंप्यूटर में हज़ारोइंटीग्रेटेड chip को एक silicon chip के भीतर तैयार किआ गेया।

इसके द्वारा कंप्यूटर का आकर बहुत छोटा हो गेया। चौथी generation कंप्यूटर में microprocessor को ब्यबहार कर ने से कंप्यूटर का गुणबत्ता बहुत मात्रा में बड गई। ये बहुत ही कम समय पे बहुत बड़ी बड़ी calculations सठिकता से काम करती थी.

कम्यूटर के पांचबी generation 1985 से अबतक

पांचबी generation कंप्यूटर में Artificial Intelligence के ऊपर आधारित ही. पांचबी generation कंप्यूटर में voice recognition. Quantum calculation जैसे एडवांस तकनीक का इस्तेमाल आने लगी है.

ये और develop किया जा रहा है. पांचबी generation कंप्यूटरमें Artificial Intelligence के कारण कंप्यूटर खुद निर्णय ले सकता है.

कंप्यूटर में करियर

Computer Programmer

कंप्यूटर एक programming भाषा कोड्स से चलता है. जो उस कोड्स को लिखता है बनाता है। उसको कंप्यूटर
programmer कहा जाता है. एक कंप्यूटर programmer कंप्यूटर के भाषाओँ के जानकारी रखते हैं.

इन भाषाओँ को coding करने के लिए जोग्यता रखते हैं. कुछ प्रोग्रामर खास कर एक कंप्यूटर के एक बिशेस भाषा में केबल coding करते है. कंप्यूटर बहुत से कंप्यूटर भाषाओँ को संबलित कर के कंप्यूटर चलता है.

उपयोगकर्ता के सुबिधा सहज सरल और आसान करने के लिए। कंप्यूटर programmer ने बहुत से कंप्यूटर भाषाओँ का coding करते है. इस खेत्र में Career बनाने के लिए बहुत अच्छा मौका है. इस खेत्र में हर बक्त demand रेहता है.

Hardware Engineer

एक कंप्यूटर बहुत सारे जंत्र को संबलित हो के चलता है. कंप्यूटर चलने के लिए में बहुत सारे parts की जरुरत होती है. इन पार्ट्स को बनाने के लिए ,testing के लिए तथा नई जरुरत को नई challanges को बिश्लेषण करना Hardware Engineer का काम है. इस खेत्र में भी बहुत डिमांड रेहेता है. ये Career के हिसाब से आछा खेत्र माना जाता है.

Software Developer

एक Software Developer उपयोगकर्ता कैसे आसानी से कंप्यूटर ब्यबहार कर सकता है। इस के ऊपर बिश्लेषण कर के programme को बिकसित करता है. उपयोगकर्ता की कठनाई को  देखते हुए समस्या को कैसे हल किआ जाये
इसके ऊपर बिश्लेषण कर के प्रोग्राम निकलता है. ताकि उपयोगकर्ता को आसान हो सके. इस खेत्र में भी बहुत डिमांड रेहेता है.

Web Developer

जो content इंटरनेट में होते है। उस बिसयबस्तु को कैसे hosting करना app programming करना,website,domain hosting करना। ये सब web developer का काम होता है.  उस होस्टिंग को अटैकर्स से कैसे बचा के रखना. ये साब काम Web Developer का होता है.

Web Developer c c++,java,programming की भाषा होना जरुरी है. इस फील्ड में आप को कहीं पे भी जॉब मिल जाती है. चाहे Govt हो या private हो.

Computer Operator

आज की कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की दुनिआ में Computer Operator के डिमांड बहुत है. Computer Operator का बिभिन्न जगह पे बिभिन्न काम होता है. जैसे की मेडिसिन whole selling में अलग ,होटल में अलग इत्यादी। जो  सरल भासा में कंप्यूटर को चलाना  जानता है और डाटा को कंप्यूटर में कैसे input  किया जाता है . बस इतने ही काम Computer Operator को करना पड़ता है.

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Conclusion
आशा करता हूँ कंप्यूटर क्या है ? कैसे काम करता है. कंप्यूटर की परिभाषा क्या है? . कंप्यूटर कैसे काम करता है? ये सब इसी article में समझने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है. जो आप लोगो को पसंद आया होगा. आप के मन में इस आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है या फिर article में और सुधर किया जासकता है. तो कृपया कर के नीचे comment करे। 

 

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