Short Selling क्या है? शॉर्ट सेलिंग शेयर बाजार में कैसे करे हिंदी में जाने

Short Selling Kya Hai? विक्रेता के पास वह शेयर नहीं है जो वह बेच रहा है । Share market पर बहुत सारे लोग पैसा कमाने के लिए आते है | स्टॉक के ऊपर ट्रेड करते है ,नेवेशक निवेश करते है ,और पैसा कमाते है | Share market एक समुन्दर है, जितना भी ज्ञान आप के पास है यह बहुत कम है |

Stock Market पर बहुत तरह के ट्रेड होते रहेते है | कोई ट्रेडर स्टॉक को निचले स्तर पर buy कर के उपरी स्तर पर सेल कर के पैसा कमाते है | स्टॉक मार्किट में investor स्टॉक में इन्वेस्ट कर के पैसा कमाता है | कोई ट्रेडर Futures and options में ट्रेड करके पैसा कमाता है | जो भी बन्दा share market में आता है,पैसा कमाने के लिए आता है |

अक्सर share market में देखा जाता है,नए ट्रेडर ,छोटे ट्रेडर आपनी पहले पहले ट्रेड में उनको भारी लुकसान हो जाता है | शेयर मार्किट में उनको अनुभूती कम होने के कारण नए ट्रेडर को नुकशान उठाना पड़ता है | आमतोर पर देखा जाता है,नए ट्रेडर गिरते हुए मार्किट में भी हर बक्त स्टॉक buying के मूड में रहेते है | उनको हर बक्त लगता है buying के साइड पर रहेने पर ट्रेड में कुछ लाव मिलता है |

नए ट्रेडर ,छोटे ट्रेडर गिरते हुए मार्किट में भी स्टॉक को buying कर के स्टॉक मार्किट closing time तक वेट करते रहेते है | स्टॉक मार्किट bounce back कर लेता है ,तो जो स्टॉक buy किये है , यह स्टॉक अगर bounce back कर लेता तो कुछ लोस मिनीमाइज हो जाता है या फीर कुछ लाव ट्रेडर को हो सकता है |

नए ट्रेडर हर बक्त stocks market के trend के हिसाव से ट्रेड नहीं करते | नया ट्रेडर को हमेसा लगता है स्टॉक buy कर के ही share मार्किट में पैसा कमाया जा सकता है | शेयर मार्किट पर short stock करने के लिए नए ट्रेडर हमेसा हिचकिचाते है | शेयर मार्किट पर short stocks कर के बहुत आसानी से पैसा कमाया जासकता है |

नए ट्रेडर को short stocks करने के लिए उन्हें properly होम वर्क्स करना पडेगा | नए ट्रेडर को स्टॉक के ऊपर properly होमवर्क कर के short stocks करना चाहिए जिस से sales stock में कुछ लाव मिल सके | Stock Short Selling kya hai? what is short selling? एसे बहुत सारे सवालों का जवाव आज हम इस लेख के माध्यम बताने का एक छोटा सा प्रयास किया गेया है |

शॉर्ट सेलिंग क्या है -Short Selling Kya Hai?

स्टॉक को पहले बेचा जाता है, विक्रेता के पास वह शेयर नहीं है,जो वह बेच रहा है। एक time के भीतर उसी स्टॉक को खरीदा कर ट्रेड को पूरा किया जाता है | Stock Short Selling स्टॉक पर पैसा बनाने एक तरीका है | एक नेवेशक ,ट्रेडर एक स्टॉक उधार लेता है,और उसे short कर देता है | फीर यही स्टॉक buy कर के stock short sale को कवर कर लेता है | उस ट्रेड में जो भी लाव या लुक्शान होता है यही अमाउंट ट्रेडर के खाते में क्रेडिट या डेबिट हो जाता है|

Short Selling Kya Hai

आमतोर पर किसी भी product को हम पहले खरीद कर हमारे पास रखते है | उस product जो हमारे पास पहेले से ही है उसे sell करते है | शेयर बाजार में पहले से आपने पास stock नहीं होने से भी आप स्टॉक को sell कर सकते है | बाद में एक समय सीमा के अन्दर आप उस स्टॉक को buy कर ट्रेड को बंध कर सकते है | आप शेयर को पहले sell करते है,और बाद में share को खरीद कर ट्रेड को closed करते है,उसे ट्रेड को Stock Short Selling कहा जाता है।

आप NSE ,BSE के ट्रेडिंग time के भीतर किसी भी बक्त आप stock को short कर सकते है | बाजार गिरे या ऊपर चढ़े आप शेयर को पहले बेच सकते हैं। अवधारणा को बेचकर आप दिन के दौरान कभी भी शॉर्ट ट्रेड ले सकते हैं, लेकिन शेयर बाजार के बंद होने से पहले आपको उस short ट्रेड को कवर करना पडेगा |

बाजार आपकी सोच के अनुसार गिरता है, तो आपका लाभ बढ़ता रहेगा। यदि आप अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं, तो आप स्टॉक खरीद कर उस short-sell को cover कर सकते हैं | आप के बेचे हुए स्टॉक अगर निचे की तरफ आता है,और आप निचे उस स्टॉक को buy करते है तो आप को उस sell short ट्रेड में कुछ लाव मिल सकता है।

हम सब लोग जानते हैं कि शेयर बाजार में, low price में स्टॉक खरीद कर हाई price में बेचने से आप को कुछ मुनाफ़ा मिलता है |

How to short sell a stock

Sell High – Buy Low

शेयर बाजार में, एक अवधारणा है, जिसे “stock short selling” कहा जाता है । यहां तक कि अगर मेरे पास शॉर्ट सेलिंग की इस अवधारणा में कोई स्टॉक नहीं है, तो भी आप चाहें तो उस स्टॉक को पहले बेच सकते है , और स्टॉक खरीदने के बाद कुछ लाभ आप कमा सकते है |

शेयर बाजार में लाभ कमाने के लिए, यह आवश्यक नहीं है कि शेयर की कीमत बढ़े, तभी आप लाभ कमाएंगे, बल्कि जब स्टॉक की कीमत गिरती है,तो बहुत अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। Stock short sale के मामले में, लाभ तब होता है जब हम स्टॉक को उच्च कीमत पर बेचते हैं और बाद में उस स्टॉक को निचिले स्तर पर खरीद किया जाता है |

शॉर्ट सेलिंग पर नुकसान (Loss on Short Selling)

शॉर्ट सेलिंग में आपका नुकसान तब होता है जब आप स्टॉक के निचले स्तर price पर short stock करते है ,और उपरी स्तर पर स्टॉक buy करते है | आपकी सोच के अनुसार उस दिन के लिए स्टॉक की कीमत में गिरावट नहीं होती है । जिस स्थिति में आपने share को बेचा है |

Share के price जब Stock short sale से ऊपर चला जाता है । फिर ऐसे मामले में आपको बेचने का सौदा पूरा करने के लिए अपना Stock short sale ट्रेड को कवर करने के लिए ,आपको स्टॉक के उपरी price पर स्टॉक को buy करना पड़ता है । क्योंकि जिस व्यक्ति को आपने पहले स्टॉक बेचा है, आपको निर्धारित समय के भीतर स्टॉक देना होगा, अन्यथा आपका Stock Short Selling सौदा पूरा नहीं हो सकता |

शॉर्ट सेलिंग टाइप्स

शेयर मार्किट में आप दो तरह के Stock short sale करने के मोका मिलता है |

इंट्राडे शॉर्ट सेलिंग – Equity

  1. Short Selling in Equity
  2. Short selling in futures and options (Derivatives Market)

इंट्राडे में शॉर्ट सेलिंग (Short Selling in Intra-day)

शॉर्ट सेलिंग आमतौर पर एक विशेष स्टॉक के संबंध में इंट्राडे ट्रेडिंग में किया जाता है, अर्थात, आपने आज शेयर बेच दिया और आज बाजार बंद होने से पहले स्टॉक को खरीद कर short stock ट्रेड को closed करना पडेगा । यदि किसी कारण से, जो short stock किये है | उस short stock ट्रेड को complete करने के लिए स्टॉक को buy नहीं करते तो आप का short stock सौदा पूरा नहीं होता ।

मान लीजिए कि आपने स्टॉक शॉर्ट सेल किया है ,और short stock को खरीदना आप भूलें गये है ,तो ऐसे मामले में, जिस व्यक्ति को आपने स्टॉक बेचा है, वह स्टॉक की डिलीवरी प्राप्त नहीं कर पाएगा, और स्टॉक एक्सचेंज आप के ऊपर भारी जुर्माना वसूल सकता है । Short stock ट्रेड जब आप ओपन करते है,उसे closed करने के लिए आप स्टॉक buy कर के closed करे |

Short selling in futures and options (Derivatives Market)

भविष्य और विकल्प (व्युत्पन्न) के व्यापार में शॉर्ट सेलिंग बहुत लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें आपके पास एक इंट्रा डे होने के साथ-साथ आपकी Short selling की स्थिति की समाप्ति तिथि भी है, जो कि महीने का अंतिम गुरुवार तक रेहेता है। तब तक आप अपना Short selling in (futures and options ) में ट्रेड को ओपन रख सकते है |

शॉर्ट सेलिंग का उद्देश्य (Purpose of Short Selling)

शॉर्ट सेलिंग का उद्देश्य मुख्य रूप से निवेश सुरक्षा के लिए हेजिंग है । शेयर बाजार ऊपर-निचे हो कर बढता रेहेता या फीर गिरता रेहेता है | शेयर मार्किट के इन उतार-चढ़ावों से बचने के लिए हमें अपने निवेश की रक्षा करनी पड़ती है । हेजिंग किसे कहा जाता है? हेजिंग एक उपकरण है जो शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के लिए उपयोग किया जाता है। यह एक उपकरण या विधि है,जिसके द्वारा आप शेयर बाजार में अपना पैसा बचा सकते हैं।

What is Short Selling?

मेरे पास AUROPHARMA के 2 लाख रुपये के शेयर हैं, और किसी दिन पता चला है, कि AUROPHARMA की कीमतें शेयर बाजार में गिरने वाली हैं, लेकिन यह केवल एक अनुमान है, यह आवश्यक नहीं है कि स्टॉक की कीमत गिरती है। अगर AUROPHARMA की कीमत गिरती है तो यह हमारा नुकसान होगा। इस नुकसान से बचने के लिए, मैं AUROPHARMA Future की शॉर्ट सेलिंग का सहारा ले सकता हूं। और जो भी प्रॉफिट शॉर्ट सेलिंग में होगा, वह मेरे कैश मार्केट इन्वेस्टमेंट के नुकसान की भरपाई करता है।

आप दिन के दौरान कभी भी शॉर्ट ट्रेड ले सकते हैं, लेकिन बाजार बंद होने से पहले आपको शेयर खरीद कर उस short को buy कर के ट्रेड को closed करना पड़ता है |

सुरेश ने BPCL @ 250 के price पर 100 शेयर बेचे,और उस short को Rs245/- में buy कर के कवर करदिया | उस short ट्रेड में Suresh को प्रती share में Rs 5/– रुपिया प्रॉफिट मिलता है |

BPCL इक्विटी शेयर की कीमत Rs 250/- ,और आप इसी रेट पर short ओपन करते है | जब आप उस short कॉल को closed करने के share के price Rs 255/– रुपिया पर buy कर के short कवर करते है | इस short ट्रेड पर आप को Rs 5/- रुपिया का लुकसान होता है | उपरोक्त लेनदेन पर नुकसान इस बात पर निर्भर करता है ,आप के द्वारा short को कवर करने के समय पर share का price किस लेवल ट्रेड करता है |

Profit
Selling Price = Rs. 250
Buy Price = Rs. 245

Profit booked = Rs. 5

Loss
Selling Price = Rs. 250
Buy Price = Rs. 255

Booked Loss = (Rs. 5)

मान लीजिए कि दिन के अंत में Suresh ने अपनी ट्रेड को कवर नहीं किया। ऐसे मामलों में, उसे BPCL के इन 100 शेयरों को T + 2 पर वितरित करना होगा। चूंकि उसके पास कोई शेयर नहीं है, वह डिलीवर नहीं कर पाएगा और डिफॉल्ट करेगा, जिससे उसकी डिलीवरी कम होगी।

इस नीलामी में, कोई भी निवेशक जो उस शेयर को रखता है, अपने शेयर बेचने के लिए भाग ले सकता है। नीलामी का मूल्य। सेबी के दिशानिर्देशों में कहा गया है,कि नीलामी निपटारा एनएसई / बीएसई में ट्रेडिंग के दिन से और नीलामी के दिन तक प्रचलित उच्चतम मूल्य पर होगा।

यह नीलामी तब की जाती है,जब कोई व्यक्ति शॉर्ट डिलीवरी करता है। क्योंकि उसके पास शेयर नहीं थे, अन्यथा वह किसी को भी शेयर नहीं दे सकता था जिसने उससे शेयर खरीदे थे। फिर भी उस खरीदार को शेयर देना होगा। तो उस शेयर को खरीदने के लिए, उस शेयर को खरीदने के लिए स्टॉक एक्सचेंज में नीलामी किया जाता है । यह नीलामी शॉर्ट सेलिंग डे T + 2 दिनों के दो दिन बाद की जाती है।

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आशा करता हूँ Short Selling Kya Hai ? येह लेख को आप पसंद करेंगे | What is Short Selling? येह सब इसी article में समझाने के ये छोटा सा प्रयास किया गया है | आपने अपना बहुमूल्य समय इस लेख को पढ़ने में दिया इसके लिए आप सब का बहुत बहुत धन्यबाद | आप के मन में इस आर्टिकल बारे में कुछ भी doubts है या फिर article में और कुछ सुधर किया जा सकता है|

तो कृपया कर के नीचे comment करे | अगर आप को Short Selling Kya Hai? लेख को पसंद आया या
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